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कोलकाता रेप केस डेफिनेटली कोई

   लूप होल्स मिले हैं जिससे यह क्लियर है कि संजय रॉय अकेला मुजरिम नहीं है, जैसा हमें बताने की कोशिश की जा रही है। इस क्राइम में और भी लोग शामिल हैं जिन्हें शायद बचाने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोग ये कह रहे हैं कि हॉस्पिटल इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि केस के बस 5 दिन बाद क्राइम सीन से 20 मीटर दूर कंस्ट्रक्शन चालू करवा दिया गया है।   वर्क दैट बिगन आफ्टर द इंसिडेंट एट एन एरिया जस्ट फ्यू फीट अवे फ्रॉम द सेमिनार रूम   वेयर द डॉक्टर's बॉडी वाज फाउंड ऑन फ्राइडे मॉर्निंग। आमतौर पे तो क्राइम सीन को  पूरी तरह से सील कर दिया जाता है। तो कुछ कह रहे हैं कि क्योंकि संजय रॉय कोई पॉलिटिकल पार्टी का मेंबर है, इसी वजह से इस  मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। इसीलिए आज मैं बंगाल की सरकार और वहां  की पुलिस से सात सवाल करना चाहती हूं। सात ऐसे सवाल जो ये क्लियर कर देंगे कि  इस केस में कुछ मेजर टैंपरिंग ऑफ एविडेंसेस हुए हैं। चलो इसे समझने के लिए हमें कहानी को शुरू से टाइम बाय टाइम समझना होगा। 9 अगस्त को कोलकाता के आर.जी. कर गवर्नमेंट मेडिकल क...